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नौगाँव के हाईप्रोफाइल रेप काण्ड की एफआईआर हुई दर्ज

फतेहपुर/हुसैनगंज नि.सं.

-नौ दिन बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला,कराया डाक्टरी परीक्षण

सूबे में योगी की पुलिस किस कदर अनियंत्रित है, इसका उदाहरण नौगाव का हाईप्रोफाइल रेपकाण्ड है। थाने से पीडिता को अपमानित कर बार बार भगाये जाने के बाद अपने परिजनो के साथ वह एक सप्ताह तक अधिकारियों की चौखट में दस्तक देती रहीं किन्तु कहीं सुनवाई नहीं हुई। अंत में जब हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता और राष्ट्रीय अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दीं तब जाकर उच्चाधिकारियो की नीद टूटीं और आनन फानन में आज नौ दिन बाद पुलिस ने नामज़द मुक़दमा दर्ज किया, जिसके बाद पीडिता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इस मामले से जुड़े कई अनसुलझे सवाल हुसैनगंज पुलिस और वहाँ के प्रभारी निरीक्षक निशीकांत राय के समक्ष अभी भी मुँह बायें खड़े हैं। उल्लेखनीय है कि विगत 11 जुलाई को हुसैनगंज थाने के गाँव नौगाव में रात्रि 9 बजे के करीब शौच के लिये गई पाल समाज की एक युवती को गाव के ही दबंग युवक आशुतोष मिश्रा पुत्र दिनेश चन्द्र मिश्रा ने युवती को बुरी नियत से खींच के गया और बलात्कार किया। पीडिता के मुताबिक उसके द्वारा शोर मचाने पर भद्दी भद्दी गालियाँ व धमकियाँ देते हुए फरार हो गया। घर जाकर उसने परिजनों को आपबीती सुनाई। उसके बाद थाने जाकर तहरीर दी किंतु पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में पीडिता ने उच्चाधिकारियो से भी मिलकर आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। बावजूद इसके एफआईआर नहीं लिखी गई। अंत में हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं सपा नेता हीरालाल मौर्य द्वारा प्रयागराज से एक अधिवक्ता का वीडीओ संदेश जारी करके सिस्टम के जिम्मेदारो को ललकारते हुए आंदोलन शुरू करने और राष्ट्रीय अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने गाँव जाकर पीडिता के बयान रिकार्ड करने और थाने आकर चेतावनी देने के बाद मामले को दबायें बैठे थानेदार को जब ऊपर से खबर ली गई तब जाकर हुसैनगंज पुलिस ने धारा 376, 323, 504, 506 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इस हाईप्रोफाइल मामले में सम्बंधित थानेदार की भूमिका शुरू से संदिग्ध बताई जाती है। वह लगातार पीडिता और उसके परिजनों को थाने में अपमानित करके भगाते रहे और अपने उच्चाधिकारियो को भी मामले से भ्रमित करते रहें। कहा जा सकता है कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता की धमकी के आगे पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा और इस मामले में अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने भी मोर्चा खोला था। सूत्रों की माने तो थानेदार अब भी अभियुक्त को बचाने की जुगत में हैं, जिसके तहत क्रास रिपोर्ट की योजना बनाई जा रहीं हैं।इस सन्दर्भ में अभियुक्त पक्ष से भी तहरीर मँगाये जाने की खबर हैं। उधर एफआईआर दर्ज होने के बाद आज पीडिता का सदर अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इस दौरान पाल उत्थान समिति व राष्ट्रीय अतिपिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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