कोरोना से नहीं बल्कि अन्य बीमारियों से मर रहे लोग

कोरोना से नहीं बल्कि अन्य बीमारियों से मर रहे लोग

लालगंज/रायबरेली(विनोद यादव)
कोरोना के चलते देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का हाल बेहाल है। कोरोना से बढ़ रहे कहर के बाद प्रदेश में हो रही मौतों का ग्राफ काफी तेजी से उपर उठ रहा है। कोरोना एक बार फिर काल बन कर आमजन को निगलना शुरू कर दिया है। वैसे तो सरकार कोरोना मरीजों को स्वस्थ्य सुविधाएं देने के लाख दावे करती है किन्तु रायबरेली की तस्वीरे कुछ अलग ही बयां करती है। जनपद के लालगंज कस्बे में बने रेलकोच एल २ का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ। वायरल वीडियो ने सरकार के कोरोना मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के दावों के साथ-साथ वहां की सफाई व्यवस्था व सरकारी डॉक्टरो के लापरवाही की भी जमकर फजीहत की। वायरल वीडियो की माने तो कोरोना से ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों से लोगों की मौतें ज्यादा हो रही है। विडियो का यह भयानक दृश्य सरकार की नीतियों को परत दर परत खोलता जा रहा है। वीडियो में साफ साफ देखा जा सकता है कि कैसे आम जन की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर उन्हें मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। वीडियो के अनुसार आपको बता दें कि ना ही अस्पताल में साफ सफाई का ध्यान रखा जा रहा है वहां पर मरीज की तड़प तड़प कर मर जाता है और प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती। मरीजो के परिजन अस्पताल के चिकित्सको और प्रसासन पर लापरवाही का गम्भीर आरोप भी लगा रहे है। वहीं पर भर्ती एक महिला का कहना है कि यहां पर कोरोना नही दूसरी बीमारी कैंसर,लीवर आदि के गम्भीर रोगी भर्ती हो रहे है जो इलाज के अभाव मे मर रहे है।उस महिला ने एल 2 अस्पताल को यमराज का घर कहकर अस्पताल प्रसासन पर लापरवाही को लेकर गम्भीर सवाल खडा कर दिया हैै। वहां पर भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि यहां पर केवल मरने के लिये भर्ती किया जा रहा है। मरीज जमीन पर पडे है। कोई व्यवस्था नही है। 70-70 साल के वृद्ध भर्ती हो रहे है। वो जब मर जाते है तो कोरोना से मौत बताकर समाज मे भय पैदा किया जा रहा है। लोगों ने यहां तक कहा कि अस्पताल मे आक्सीजन को कौन कहे पानी का भी अभाव है।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज के साथ एक परिजन रहेगा,जिससे संक्रमण बढने का खतरा है। मृतकों की बाडी को स्वयं परिजनों को ही पैक करने के लिये कहा जाता है जबकि सरकार के सख्त निर्देश है कि किट पहनकर मृतक की बाडी पैक की जाये और सीधे शमशान घाट लेकर दाह संस्कार किया जाये। भर्ती लोगों का कहना है कि दवा के अभाव मे लोग मर रहे है।सिर की चोट के मरीज को कोरोना की दवा दी जा रही है।वास्तव मे अस्पताल मे गंदगी की भी भरमार है। साफ सफाई का भी अभाव है। कोविड 19 एल 2 अस्पताल के प्रभारी डा० मनोज शुक्ला का रवैया भी बेहद लापरवाह है। पूर्व मे उनके खिलाफ शिकायत भी हो चुकी है,लेकिन वे सुधरने का नाम नही ले रहे है। अगर स्थित नही सुधरी तो किसी भर्ती मरीजों के परिजनों और अस्पताल प्रसासन के बीच कोई भी घटना घट सकती है।लोगों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाकर व्यवस्थायें ठीक करने की मांग की है।
क्या कहते है मुख्य चिकित्सा अधिकारी
जब इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि व्यवस्थाओं पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से छूट-पुट समस्याएं आती रहती है।जिस पर हम और हमारी टीम नियंत्रण कार्य कर जनता को सुविधाएं देने का कार्य कर रही है।

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